क्या चिट्ठी है?
एक घर में कोई आँगन में जब किसी की माँ कहती है, क्या चिट्ठी आई है? माथे पर सिन्दूर लगायें हाथों में वो चूिड़ पहनें जब किसी की पत्नी कहती है क्या चिट्ठी आई है? एक बूढ़ा आदमी अपने आखिरी वक्त मे जब किसी को कहता
एक घर में कोई आँगन में जब किसी की माँ कहती है, क्या चिट्ठी आई है? माथे पर सिन्दूर लगायें हाथों में वो चूिड़ पहनें जब किसी की पत्नी कहती है क्या चिट्ठी आई है? एक बूढ़ा आदमी अपने आखिरी वक्त मे जब किसी को कहता
जब एक बाप अपने बेटे को चाहता है तब वो सारी दुनिया के खिलाफ भी हो सकता है,ये बात है जब मैं संशय पाली के मॉल मे गया वहाँ मैंने एक अद्धुशनीय घटना देखी जब एक बाप अपने 9 माह के बच्चे को लेकर सीढ़ी चढ़ रहा था तब वो अपने
माँ ही सबके जीवन का आधार होती है चुप-चाप सारे दुखों को सह लेती है हमें खाना खिलाके भूखे पेट सो जाती है हज़ार ताने सुन गला भारी सा हो जाता है कोने में जाकरअपना दुपट्टा भिगो लेती है जिसने माँ खोया है उसी ने महत्व को समझा
बाहर निकल के तो देखो जीवन के इस वणर्न सफर में धूल को उड़ा के देखो खुिशयों के आसमान में पंछी बन उड़ के देखो माँ के आँखों से निकलते मोतियों को धागे में पिरोकर देखो पिता के उम्मीदों के पहाड़ में सफलता का झंडा लहराकर