यात्रा वृत्रांत
विशाल मेगा मार्ट था। वहाँ घूमने चले गए। और सब अपने लिएऔर एक-दूसरे के लिएएक से एक सामान देखने लगे। हम सब करीब 2 घंटे तक वहाँ हर सामान को देखते रहेऔर कुछ-कुछ खरीदे भी। यहाँ से निकलने के बाद हम लोग
विशाल मेगा मार्ट था। वहाँ घूमने चले गए। और सब अपने लिएऔर एक-दूसरे के लिएएक से एक सामान देखने लगे। हम सब करीब 2 घंटे तक वहाँ हर सामान को देखते रहेऔर कुछ-कुछ खरीदे भी। यहाँ से निकलने के बाद हम लोग
“The kingdom of book” is as vast as the universe for there is no corner of it which they have left unexplored. Book reading is a habit which is relaxing as well as mind-refreshing any person
दिनांक 11/11/25 को हमारे विद्यालय द्वारा हमारे बैच का एक्सपोज़र विज़िट करने ले जाया गया था। हमें बरगढ़ में सबसे पहले IIHT ले जाया गया, परंतु वह नहीं खुला था। उसके बाद हमने बरगढ़ विज्ञान सेंटर का अवलोकन
The Life Every day is an opportunity to invest in life, an opportunity to renew ourself. Take joy in life each day as it gives you opportunity to work, love and play and look at the sun. Life
हिंदी भाषा मेरे देश की भाषा है हिन्दी, हिन्दुस्तान की परिभाषा हिन्दी।बातों में मधुरता घुली हुई,अभिव्यक्ति की अभिलाषा हिन्दी।। जिस देश में जन्मी है हिन्दी, हर बात लिखी ही हिन्दी में। उस देश के भाषी हम हिन्दी, हर बात कहेंगे हिन्दी में।
नवोदय तू कितना महान है। तेरे आँगन में न जाने कितने फूल खिले हैंऔर खिलते रहेंगे। तुमने सबको बड़े प्यार से सींचा, तू कितना सहनशील है। आँधी आई, तूफान आया, पर तुमनेअपना अंकुश न खोया। सोचकर तो आए थे सब यहाँ कि है ये
मेरे जीवनदाता मैं पृथ्वी हूँ तो पूरे ब्रह्मांड हैं पापा, मेरे दिल की हर एक धड़कन हैं पापा, मेरी जिंदगी के हर एक पल हैं पापा, मेरे जीवनदाता हैं पापा। मैं मछली हूँ तो सागर हैं पापा, मैं वाक्य हूँतो हर अक्षर हैं पापा, मैं पेड़ हूँ तो उसकी
सभ्य समाज लोगों की सोच आखिर कहाँ जा रही है?सही-गलत सोचने की क्षमता क्या कहीं जमीन पर दफन होती जा रही है? या फिर किसी सड़ी लकड़ी के समान उस पर दीमक लगती जा रही है? परिवार की बहू को दुख देकर
कर्म और भाग्य एक समय की बात है। एक गुरुकुल में दो विद्यार्थी रहते थे। एक का नाम कर्मबुद्धि और एक का नाम भाग्यबुद्धि। दोनों परम मित्र थे तथा अपनी दक्षता व उत्तम व्यवहार के कारण गुरुजी के चहेते थे, परन्तु कोई भी पूरी तरह से उत्तम