Mamta Sahu
JSA
प्रेरक प्रसंग
एक आदमी ने गुरुनानक जी से पूछा,
“मैं इतना गरीब क्यों हूँ?”
तो गुरुनानक जी ने कहा,
“तुम गरीब हो क्योंकि तुमने देना नहीं सीखा।”
यह सुनकर वह आदमी बोला,
“मेरे पास तो देने के लिए कुछ भी नहीं है।”
तो गुरुनानक जी बोले,
“तुम्हारा चेहरा एक मुस्कान दे सकता है,
दूसरे को सुख पहुँचाने के लिए दो मीठे शब्द बोल सकते हैं।
तुम्हारे हाथ किसी जरूरतमंद की सहायता कर सकते हैं,
और तुम कहते हो तुम्हारे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है।”
शिक्षा आत्मा की गरीबी ही वास्तविक गरीबी है।
पाने का हक उसी को है, जो देना जानते हैं।
