Priyanka Pandey
Class 12 (Commerce)
मानो कल कि ही बात हो
जो बच्चे,
चॉकलेट में खुश हो जाते थे,
आजकल फोन में
उलझ जाते हैं।
जिन्हें छोटी-छोटी खुशियों के लिए
वजह न चाहिए थी,
अब एक-एक वजह पर
मुस्कुराते हैं।
जो घर
सर पर उठा लिया करते थे,
अब घर की ज़िम्मेदारियों में
सिमटकर रह जाते हैं।
न जाने वो दिन
कहाँ खो गए,
अब हर बच्चा
बड़ा हो गया।
पहले पूछ-पूछकर
हर जगह जाया जाता था,
अब गूगल मैप में
रास्ता दिख जाता है।
छोटी-छोटी कुल्फ़ी की जगह
पिज़्ज़ा-बर्गर ले लिए,
परिवार के साथ रहने की लालसा
मोमबत्ती जैसे पिघल गई।
हर पुरानी बातें
यादगार किताबों में बंद हो गईं,
जैसे वृद्ध व्यक्ति
हमेशा के लिए सो गए।
अब न जाने
कहाँ वो बचपन गायब हो गया,
हर बच्चा उम्र से पहले
न जाने कैसे बड़ा हो गया।
न जाने कैसे बड़ा हो गया।
धन्यवाद!
