Bharti Vishal
Class 9 (B)
माँ का महत्त्व
माँ ही सबके जीवन का आधार होती है
चुप-चाप सारे दुखों को सह लेती है
हमें खाना खिलाके
भूखे पेट सो जाती है
हज़ार ताने सुन
गला भारी सा हो जाता है
कोने में जाकर
अपना दुपट्टा भिगो लेती है
जिसनेमाँ खोया है
उसी ने महत्व को समझा है
उनकी लोरी, प्यार-दुलार
सब खोया है
उनकी गैरमौजूदगी में
घर सूना सा पड़ा है
उनकी एक गूँज सुनने को
कान तरसता है
खाने में एक हिस्सा
अभी भी उनका बचा है
सारे रिश्तेदारों ने भी
मुँह फेर लिया है
उनकी स्पर्श पाने को
हाथ तरसता है
उनकी मुस्कान देखने को
आँख भर आता है
गिरती हुई आँसू में
उनका प्यार झलकता है
उनकी कोमल हाथों की
आँसू छूना चाहता है
जिसे आजतक बोझ के समान माना
जब उसने अपनों का साथ छोड़ा
खुिशयों, उम्मीदों ने भी
गाली फेर लिया
जीवन में एक अंधकार सा छा गया
आँसुओं ने कुछ कबुल कर लिया
की काश! मैंने माँ का महत्व समझा होता
काश! मैंने माँ का महत्व समझा होता।
