मंजिल कि चाहत

Tarun Kumar Sahu

Class 12 

मंजिल कि चाहत

सीने में आग
दहकाए रखना,
मंज़िल की चाहत
बनाए रखना।

रास्ते में
रोना पड़ेगा बहुत,
हिम्मत बनाए रखना।

लक्ष्य छूटे न,
पकड़ बनाए रखना।

कमज़ोर लोगों की
मनसा है कठोर,
अपना मन
बनाए रखना।

क्या पता
कब निकल जाए लक्ष्य,
नज़र अपनी
बनाए रखना।

साँस न छोड़ना
एक पल में,
उम्मीद
बनाए रखना।

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