Dayanand Chouhan
Class 12 (Commerce)
मसले
मसले
किसी को किसी से प्यार है,
किसी को किसी का इंतज़ार है।
कोई किसी से बात करते जग रहा है,
कोई किसी की याद करके जग रहा है।
कुछ ज़ालिम करम कर रहे हैं,
कुछ आशिक़ नज़्म लिख रहे हैं।
मसला बस यही है—
कोई किसी का है,
तो कोई किसी का नहीं है।
ज़माने का यही बस एक सार है,
किसी को किसी से प्यार है,
तो किसी को किसी का इंतज़ार है!
