Neetu Chaturvedi
Class 11 (Science)
मेरे जीवनदाता
मैं पृथ्वी हूँ
तो पूरे ब्रह्मांड हैं पापा,
मेरे दिल की हर एक धड़कन हैं पापा,
मेरी जिंदगी के हर एक पल हैं पापा,
मेरे जीवनदाता हैं पापा।
मैं मछली हूँ
तो सागर हैं पापा,
मैं वाक्य हूँ
तो हर अक्षर हैं पापा,
मैं पेड़ हूँ
तो उसकी जड़ हैं पापा,
मेरे जीवनदाता हैं पापा।
मैं खुशबू हूँ
तो फूल हैं पापा,
मैं वर्तमान हूँ
तो मेरे अतीत हैं पापा,
मैं मोती हूँ
तो मोतियों की माला हैं पापा,
और क्या-क्या लिखूँ मैं उनके बारे में,
क्योंकि
मुझे ही लिखने वाले
वो लेखक हैं पापा,
मेरे जीवनदाता हैं पापा।
